श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः सरकार गरीबों को मुफ्त राशन के बड़े दावे करती है, वहीं जिले में आदिवासियों के निवाले पर डाका डालने का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि उचित मूल्य दुकान पर हितग्राहियों से अंगूठा लगवाकर दो माह का राशन नहीं दिया गया।
यह मामला बुढ़ार जनपद के छतई गांव का है। झींकबिजरी लैम्प्स के तहत संचालित छतई की शासकीय राशन दुकान के तत्कालीन विक्रेता मोहम्मद अमीन पर आरोप है कि उसने चालाकी से अंगूठा लगवाकर हितग्राहियों के हिस्से का राशन आहरित कर लिया, लेकिन अनाज नहीं दिया। इससे जुड़ा वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें ग्रामीण अपनी पीड़ा बता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार लगातार शिकायतों के बाद जांच कर मोहम्मद अमीन को निलंबित कर दिया गया और दुकान की जिम्मेदारी नए विक्रेता जैनुल को सौंपी गई। हालांकि ग्रामीणों का । कहना है कि विक्रेता बदलने के बाद भी दो माह का रुका राशन नहीं मिला है, जिसके लिए वे भटक रहे हैं। भुक्तभोगी रंगदेव सिंह, जय भान सिंह, रामकली सहित अन्य ने शासन-प्रशासन से हड़पा गया राशन दिलाने और दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस खुलासे के बाद खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली और वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रभारी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर भागीरथ लहरे ने बताया कि मामले की जांच एसडीएम के माध्यम से चल रही है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अंगूठा लगवाकर दो महीने का राशन न देना गंभीर लापरवाही है, जांच के बाद जो भी जिम्मेदार है, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहकारिता विभाग ने विक्रेता को निलंबित कर दिया है, लेकिन जांच के बाद आगे भी कार्रवाई की जाएगी।










