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Umaria News: बांधवगढ़ में युवा बाघिन का सुरक्षित रेस्क्यू, निगरानी में रखा गया, राजस्थान भेजने की तैयारी

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श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :-   बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी एक अहम और राहत भरी खबर सामने आई है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम ने कक्ष क्रमांक RF-327, बीट दमना, परिक्षेत्र ताला से लगभग 3 से 4 वर्ष आयु की एक युवा बाघिन को पूरी सतर्कता और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई तय प्रोटोकॉल के तहत विशेषज्ञों की निगरानी में अंजाम दी गई, ताकि बाघिन को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

रेस्क्यू के तुरंत बाद बाघिन को वन विभाग के अनुभवी पशु चिकित्सकों की टीम के पास ले जाया गया, जहां उसकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई। जांच में बाघिन की स्थिति सामान्य पाई गई, जिसके बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसे रेडियो कॉलर पहनाया गया। रेडियो कॉलर के माध्यम से बाघिन की लोकेशन, मूवमेंट और व्यवहार पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे उसके संरक्षण और भविष्य की योजना को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।

प्रबंधन द्वारा फिलहाल इस बाघिन को अंडर ऑब्ज़र्वेशन रखने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत आगामी कुछ दिनों के लिए उसे मगधी परिक्षेत्र के बेहराह स्थित सुरक्षित बाड़े में रखा गया है। यहां विशेषज्ञों की टीम चौबीसों घंटे उसकी निगरानी कर रही है। इस दौरान बाघिन के स्वास्थ्य, खान-पान, व्यवहार और वातावरण के प्रति उसके अनुकूलन का आकलन किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा अभियान भविष्य की एक बड़ी संरक्षण योजना का हिस्सा है। योजना के अनुसार, समस्त आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होते ही इस बाघिन को राजस्थान भेजा जा सकता है। राजस्थान में बाघ संरक्षण को मजबूती देने और वहां की बाघ आबादी को संतुलित करने के उद्देश्य से ऐसे स्थानांतरण पहले भी किए जा चुके हैं। बांधवगढ़ जैसे समृद्ध टाइगर रिज़र्व से स्वस्थ बाघों का चयन कर उन्हें अन्य राज्यों में भेजना राष्ट्रीय स्तर की रणनीति का हिस्सा माना जाता है।

बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के क्षेत्र संचालक अनूप सहाय ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक और सुरक्षित मानकों के अनुसार की गई है। बाघिन की सुरक्षा और भलाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेडियो कॉलरिंग और अंडर ऑब्ज़र्वेशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वह नए वातावरण में भेजे जाने से पहले पूरी तरह स्वस्थ और अनुकूल हो।

इस रेस्क्यू और संरक्षण कार्रवाई को वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों ने एक सकारात्मक कदम बताया है। यह न सिर्फ बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व की सतर्कता और क्षमता को दर्शाता है, बल्कि देश में बाघ संरक्षण के प्रति चल रहे संगठित प्रयासों की भी झलक पेश करता है।

Shreya News
Author: Shreya News

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