श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- बाणसागरः जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणसागर, देवलौंद में प्रभारी नियुक्ति को लेकर वरिष्ठता नियमों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय में पदस्थ शिक्षक राकेश कुमार नामदेव ने इस संबंध में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण को पत्र लिखकर जिला शिक्षा अधिकारी पर शासन के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया है। राकेश कुमार नामदेव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उनका वर्ष 2004 में प्रभारी व्याख्याता के रूप में कार्यभार हुआ था। इसके बाद उन्हें प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति दी गई तथा वर्ष 2024 में उन्हें उच्च पद का प्रभार प्राप्त हुआ।
च्च पद प्रभार आंदेश में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि इस प्रभार के दौरान उनकी वरिष्ठता एवं वेतनमान में – किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा व उनकी वरिष्ठता प्रधानाध्यापक पद की यथावत बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि एवं शासन के एक परिसर एक शाला संबंधी निर्देशों के अंतर्गत कंडिका-3 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि व्याख्याता, उच्च माध्यमिक शिक्षक प्रधानाध्यापक (माध्यमिक शाला) समकक्ष पद माने जाते हैं व नियुक्ति एवं पदोन्नति की तिथि के आधार पर संबंधित लोक सेवकों की वरिष्ठता निर्धारित की जाएगी। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा वरिष्ठता की अनदेखी करते हुए उन्हें विद्यालय का प्रभार नहीं दिया गया।
नामदेव का आरोप है कि जिन शिक्षक को विद्यालय का प्रभारी बनाया गया है, उनकी नियुक्ति वर्ष 2021 में उच्च माध्यमिक शिक्षक पद पर हुई थी, जो वरिष्ठता के आधार पर उनसे कनिष्ठ हैं। ऐसे में कनिष्ठ शिक्षक को प्रभारी बनाना न केवल शासन के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी के साथ अन्याय भी है। नामदेव का कहना है कि यदि वरिष्ठता जैसे मूल प्रशासनिक सिद्धांतों का पालन नहीं किया जाएगा तो इससे कार्य व्यवस्था प्रभावित होगी और विवाद की स्थिति उत्पन्न होगी।






