श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरियाः एलबेंडाजोल की गोली खाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को मुख्यालय से सटे कोयलारी गांव के आठ छात्रों को तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया था। बुधवार को कोडार स्थित विद्यालय के सात बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि एलबेंडाजोल की गोली खाने के बाद बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई।
कमजोरी के कारण हुए बीमारः
यह माना जा रहा है कि बच्चे कमजोरी के कारण बीमार हुए हैं। कोडार से अस्पताल लाए गए सात बच्चों में छह बैगा जनजाति से हैं, जबकि एक छात्र यादव समाज से है। वहीं मंगलवार को कोयलारी से अस्पताल लाए गए आठ छात्रों में भी चार बैगा छात्र शामिल थे। लगातार दो दिनों में अलग-अलग विद्यालयों से अस्पताल पहुंचे बच्चों में बड़ी संख्या में बैगा जनजाति के छात्रों के शामिल होने से मामले ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के पीछे वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पहले होनी चाहिए थी जांचः
इस घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग की भूमिका और दवा वितरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को दवा देने से पहले और बाद में उनकी स्वास्थ्य स्थिति की पर्याप्त निगरानी की जानी चाहिए थी। सवाल यह भी है कि विद्यालयों में एलबेंडाजोल का वितरण किस प्रक्रिया के तहत किया गया और बच्चों के बीमार पड़ने के बाद विभागीय स्तर पर तत्काल क्या कदम उठाए गए।










