श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- शहडोल में सुबह से ही विराट मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंच रहे हैं, हालांकि यहां गर्भगृह में जाने के लिए किसी को अनुमति नहीं है। यहां ताला लगा हुआ है, लेकिन लोहे की जाली वाले गेट से लोग शिवलिंग का दर्शन कर वहीं से पूजा पाठ कर धार्मिक कार्यक्रम को संपन्न कर रहे हैं।
शहडोल महाशिवरात्रि का पर्व धार्मिक परंपराओं एवं सनातनी रीति रिवाज से मनाया जा रहा है। जिला मुख्यालय के विराट शिव मंदिर में सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। महाशिवरात्रि का पर्व विशेष दिवस माना जाता है और इस दिन व्रत रखकर भोलेनाथ का रुद्राभिषेक आदि कार्यक्रम करने पर अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है, ऐसा शास्त्रों में वर्णित है। रविवार को सुबह से ही विराट मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंच रहे हैं, हालांकि यहां गर्भगृह में जाने के लिए किसी को अनुमति नहीं है। यहां ताला लगा हुआ है, लेकिन लोहे की जाली वाले गेट से लोग शिवलिंग का दर्शन कर वहीं से पूजा पाठ कर धार्मिक कार्यक्रम को संपन्न कर रहे हैं।
अखंड मानस पाठ
जिला मुख्यालय के गंज स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में भी भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने के लिए लोग पहुंचना शुरू हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय में तकरीबन हर मोहल्ले में शिवालय हैं और इन शिवालयों में लोग पूजा अर्चना करने में जुट गए हैं। डाइट परिसर स्थित मृत्युंजय मंदिर में भी आज धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। यहां पर अखंड मानस का पाठ किया जा रहा है, जिसका कल समापन होगा।
इसी तरह अन्य धार्मिक स्थलों में भी धार्मिक कार्यक्रमों के होने की जानकारी मिली है। जिला मुख्यालय से लगे हुए गांव कैलमनिया में भी रुद्राभिषेक सहित कई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं। जिला मुख्यालय के शहडोल उमरिया बॉर्डर पर स्थित बूढ़ी माई मंदिर परिसर स्थित शिव गुफा मंदिर में भी धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। धनपुरी, बुढार, ब्यौहारी, बुढ़वा, जयसिंहनगर, गोहपारु, बंगवार, केशवाही सहित कई जगह धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। लखवारिया धाम में भी आयोजन चल रहे हैं।












